सटीक शहर-वार प्रदोष काल, स्थिर वृषभ लग्न व चौघड़िया मुहूर्त। साथ ही 50+ संपूर्ण पूजा सामग्री की चेकलिस्ट PDF में डाउनलोड करें।
स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से धन-धान्य का घर में स्थाई वास होता है। गृहस्थों व परिवारों के लिए यह समय सबसे मंगलकारी है।
व्यापारियों, दुकानदारों और तांत्रिक/साधना अनुष्ठान के लिए सिंह लग्न का मध्यरात्रि समय अत्यंत शुभ व फलदायी माना जाता है।
दुकान के बही-खाते, तिजोरी पूजन और कुबेर यंत्र स्थापना के लिए लाभ एवं अमृत चौघड़िया में पूजन करें।
बाजार जाते समय सामान चेक करते जाएं (Auto-Saved on your phone)
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
जिस घर में तुम रहती, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहिं घबराता॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दन्त दयावन्त, चार भुजाधारी।
माथे सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी॥
पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा॥